सीधी – पंचायत चुनाव में कांग्रेस कि मजबूती से भाजपा कि बढ़ी चिंता

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पंचायत चुनाव में कांग्रेस कि मजबूती से भाजपा कि बढ़ी चिंता

निकाय में कांग्रेस पार्षद घटे, भाजपा को दो नगर परिषदो में बहुमत

अमित कु. गौतम “स्वतंत्र”  (8839245425)     समय INDIA 24 @ सीधी। जिले में त्रिस्तरीय पंचायत एवं निकाय के चुनाव संपन्न होने बाद राजनैतिक पार्टियां अपने हार – जीत के परिणामों कि समीक्षा करना शुरू कर दी है। इस बार के चुनाव में कांग्रेस को पिछले चुनावों कि अपेक्षा बढ़त हासिल हुई है तो वहीं बीजेपी के लिए चिंता बढ़ा दी है। विधानसभा चुनाव से ठीक डेढ़ साल पहले हुए नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के नतीजों ने 2023 के चुनावी मुकाबले की तस्वीर बहुत कुछ साफ कर दी है। चुनाव के परिणाम इस बात का साफ इशारा कर रहे है कि विधानसभा तक पहुंचना इस बार आसान नहीं होगा। जिले में चार विधानसभा सीधी, सिहाबल, चुरहट और धौहनी है जिनमे वर्तमान समय में सिर्फ सिहाबल विधानसभा में कांग्रेस विधायक है। लेकिन नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में कांग्रेस पार्टी को अप्रत्याशित सफलता मिली है जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गरम हो गया है। निकाय चुनाव में कांग्रेस पार्टी ज्यादा सफल तो नहीं रही लेकिन एक नगर पालिका और एक परिषद में नगर सरकार बनाने कि स्थिति में है तो वही जिले के अन्य दो परिषदों में भाजपा भी नगर सरकार बना रही है।

कांग्रेस चार और एक भाजपा समर्थित जनपद अध्यक्ष निर्वाचित 

जनपद पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में कांग्रेस को चार एवं बीजेपी को एक से ही संतोष करना पड़ा है। जिले के पांच जनपद पंचायतो मे चार जनपद पंचायत क्रमश : रामपुर नैकिन, मझौली, कुसमी और सिहाबल में कांग्रेस तो वही जनपद पंचायत सीधी में बीजेपी समर्थित अध्यक्ष – उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। जनपद पंचायत सीधी के लिए चर्चाएं बनी हुई हैं कि सीधी विधायक के कारण भाजपा नेता धर्मेन्द्र सिंह परिहार को अध्यक्ष के तौर पर जीत हासिल हुई है अन्यथा यहां भी कांग्रेस समर्थित अध्यक्ष बनने कि संभावना थी। बता दें कि सीधी जनपद में कांग्रेस सिर्फ एक मत से पीछे रही है जिसके बाद कांग्रेस समर्थको द्वारा सोशल मीडिया में कांग्रेस नेता अजय सिंह राहुल, कमलेश्वर पटेल और भाजपा नेता सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ल के साथ की तस्वीरे साझा कर तरह – तरह कि बाते की जा रही है।

जनपद पंचायत के नतीजों से यह बात तो स्पष्ट हो गई है कि भाजपा विधायक कुंवर सिंह टेकाम अपने विधानसभा क्षेत्र के जनपद पंचायत कुसमी और जनपद मझौली तथा भाजपा प्रदेश मंत्री चुरहट विधायक शरतेंदु तिवारी जनपद पंचायत रामपुर नैकिन में जनपद पंचायत कि कुर्सी नही बचा पाए यही कारण रहा है कि कांग्रेस एक बार फिर जिले में पंचायत के माध्यम से ही सही लेकिन वापसी कि राह में दिख रही है।

नगर सरकार बनाने मैराथन दौड़ शुरू

निकाय चुनाव परिणाम भाजपा – कांग्रेस दोनो के लिए चौंकाने वाले आए हैं। जिले में नगर पालिका परिषद सीधी एवं तीन नगर परिषद क्रमशः मझौली, चुरहट, रामपुर नैकिन है। नगर पालिका परिषद सीधी एवं नगर परिषद चुरहट में पूर्ण बहुमत के साथ कांग्रेस नगर सरकार बना रही है। भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ नगर परिषद मझौली में नगर सरकार बना रही है लेकिन बहुमत होने के बाद भी नगर परिषद रामपुर नैकिन में भाजपा कि नगर सरकार बन पाएगी यह संशय का विषय बना हुआ है क्योंकि यहां 15 सीटो में भाजपा 08 और कांग्रेस 07 पर है।

राजनीतिक पण्डितो का मानना है कि कांग्रेस जनपद पंचायतो में अध्यक्ष बनाने में भले ही सफल रही है लेकिन निकाय चुनाव के परिणामो को लेकर कांग्रेस को समीक्षा करने कि जरूरत है। निकाय चुनाव 2013 में नगर परिषद मझौली पर कांग्रेस कि नगर सरकार होने के बाद भी वहा दो सीटों में सिमट गई है और पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष रूबी विदेश सिंह खुद कि पार्षद सीट भी नही बचा पाई है।

एक – एक में सिमटी आप और पीपीआई 

निकाय चुनाव में आम आदमी पार्टी नगर पालिका परिषद सीधी में एक और नगर परिषद चुरहट में पीपीआई ने एक सीट जीतने में सफल रही है। आम आदमी पार्टी नगर पालिका सीधी कि सिर्फ 14 सीटों और मझौली कि 08 सीटों में चुनाव लड़ी थी लेकिन जीत सिर्फ एक सीट में ही मिली।

सूत्रों कि माने तो आम आदमी पार्टी अपनी आंतरिक कलह में उलझी रही जिससे जिले के सभी निकायों में प्रत्याशी नहीं उतार पाई और चुनाव मैदान में उतरे आप के प्रत्याशी दहाई का अंक नही छू पाए । आप नेता इस बात से खुद को संतुष्ट कर रहे हैं कि एक सीट के साथ नगर पालिका परिषद में जगह बन गई है लेकिन जिस प्रकार के प्रदेश में हॉर्स ट्रेडिंग के मामले सामने आते रहते है ऐसे में आप पार्षद कब तक पार्टी के लिए वफादार रहते हैं, यह देखने के लिए इंतजार करना होगा।

कांग्रेस युवा नेता ज्ञानेन्द्र अग्निहोत्री आम आदमी पार्टी कि जीत को नही मानते है, उनका कहना है कि यह व्यक्तित्व के कारण आप प्रत्याशी को जीत मिली है न कि आम आदमी पार्टी कि कोई लहर है।

भाजपा जिला उपाध्यक्ष बद्री मिश्रा आप के जीत का स्वागत करते हुए कहा कि विपक्ष को मजबूत होना चाहिए, जनता के जनमत का सम्मान हो और विकास हो। लेकिन यह सही कि आप कि कोई लहर जिले में ही नही प्रदेश में भी नही है।

जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने भाजपा – कांग्रेस दो – दो हांथ करने तैयार

जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव प्रदेश भर में संपन्न हो चुके है लेकिन सीधी जिले के जिला पंचायत वार्ड क्रमांक 14 और 17 का मामला हाई कोर्ट में लंबित होने के कारण अध्यक्ष – उपाध्यक्ष का चुनाव नही हो पाया है। बता दे कि भाजपा – कांग्रेस दोनो पार्टियां अपने समर्थित जीते सदस्यो को लेकर तैयारी में जुट गई है और जिला पंचायत अध्यक्ष उपाध्यक्ष निर्वाचन में एक दूसरे को पटकनी देने तैयार है। इस बार के जिला पंचायत अध्यक्ष – उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर राजनीतिक जानकर भी आकलन नही लगा पा रहे हैं। लेकिन जिस प्रकार से नगर पालिका सीधी और अन्य चार जनपदों में भाजपा अपना अध्यक्ष बैठाने में असफल रही है जिसके बाद जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए भाजपा कोई कोर कसर नही छोड़ने के मूड में दिख रही है। देखना यह होगा कि जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए कांग्रेस और भाजपा कि नीति कितनी सफ़ल रहती है ।