विगत वर्ष 2021 थाना जमोड़ी के मामले ने माननीय न्यायालय ने सुनाया फैसला

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पुलिस की उत्तम विवेचना एवम अभियोजन अधिकारियों के मेहनत के नतीजन हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास एवं अर्थदंड की मिली सजा

विगत वर्ष 2021 थाना जमोड़ी के मामले ने माननीय न्यायालय ने सुनाया फैसला

समय INDIA 24 @सीधी । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार श्रीवास्तव के कुशल निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजुलता पटले व उप पुलिस अधीक्षक एन एस कुमरे के मार्गदर्शन प्रकरण क्रमांक 47/21 के विवेचना अधिकारी थाना प्रभारी जमोड़ी शेषमणि मिश्रा की उत्तम विवेचना एवम शासकीय अधिवक्ता रमाशंकर दुबे की सशक्त पैरवी के नतीजन उक्त मामले के आरोपी ज्ञानेन्द्र कुमार पाण्डेय पिता रामनरेश पाण्डेय उम्र 38 वर्ष निवासी उमरिहा थाना रामपुर नैकिन जिला सीधी को भा.द.स. की धारा 302 के आरोप में आजीवन कठोर कारावास व 50000 रूपए अर्थदंड से दंडित किया गया है।

मामले का संक्षिप्त विवरण – संक्षेप में अभियोजन का मामला इसप्रकार है कि घटना के करीब एक वर्ष पूर्व से आरोपी, मृतक अवनीश उर्फ नीरज सिंह के पिता कैलाश सिंह की पुराने बस स्टैण्ड सीधी में स्थित दुकान को किराए से लेकर पाण्डेय बीज भंडार के नाम से दुकान संचालित करता था। घटना के करीब 03 माह पूर्व आरोपी ने अवनीश उर्फ नीरज सिंह से दो लाख रूपए ब्याज पर उधार लिया था, जिसके बदले में आरोपी ने खाली चेक हस्ताक्षर करके दिया था। आरोपी ने अवनीश को उधारी के पौने दो लाख एवं व्याज वापस कर दिया था। दिनांक 10.03.21 को दोपहर के करीब 1:00 बजे अवनीश आरोपी की दुकान में आया और आरोपी के पत्नी के संबंध में अभद्र टिप्पणी की। आरोपी को उसकी बात बुरी लगी और आरोपी ने ठान लिया कि मौका पाकर वह अवनीश उर्फ नीरज सिंह को निपटा देगा। दिनांक 12.03.21 को रात के करीब 7:45 बजे आरोपी ने बाईपास रोड में ग्राम मुठिगवां में अवनीश को फोन लगाकर बुलाया और वहीं पर आरोपी ने अपने पास रखे चाकू से अवनीश पर वार करके उसकी हत्या कर दिया और चाकू को वहीं पास में गेहूं के खेत में छिपाकर रख दिया। उक्त सूचना के आधार पर आरोपी ज्ञानेन्द्र कुमार पाण्डेय के विरूद्ध थाना जमोड़ी में अपराध क्र. 175/21 अंतर्गत धारा 302, 201 भादवि के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया।

मामले की जांच वरिष्ठ अधिकारियो के मार्गदर्शन में स्वयं थाना प्रभारी जमोड़ी उप निरीक्षक शेषमणि मिश्रा द्वारा की गई जिसमे विवेचना अधिकारी द्वारा प्रत्येक तथ्यों को बारीकी से जांच करते हुए साक्ष्य एकत्र किए गए एवम गवाहों के बयान लिपिबद्ध किए गए तथा चालान पेश किया गया । मामले की पैरवी शासकीय अधिवक्ता रमाशंकर दुबे के द्वारा की गई । जिसमे साक्ष्यों एवम गवाहों का के सही ढंग एवम उचित समय पर प्रस्तुत कर मामले की सशक्त पैरवी के द्वारा यथा शीघ्र आरोपी को सजायाब कराया गया है।