मंदबुद्धि बालिका के जीवन में खुशियाॅ ले आया वन स्टाॅप सेन्टर सखी

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कहानी सच्ची है :

मंदबुद्धि बालिका के जीवन में खुशियाॅ ले आया वन स्टाॅप सेन्टर सखी

समय INDIA 24,सीधी। जहाँ आज समाज में मानसिक व शारीरिक रूप से सक्षम महिलाओं व बालिकाओं का सुरक्षित रहना चुनौती पूर्ण है, वही एक मानसिक रूप से मंदबुद्धि बालिका का अपने घर से भटकने के 6 माह बाद सुरक्षित वापस अपने परिवार से मिलाना बेहद सुखद अनुभव कराता है और वन स्टाप सेन्टर सखी की सकारात्मक भूमिका को रेेखाकिंत करता है। यह कहानी एक मंदबुद्धि बालिका की है जो मध्यप्रदेश के सीधी जिले में स्थित आर्या कालेज की छात्राओं के संपर्क में आई। छात्राओं ने एक मंदबुद्धि बालिका को काॅलेज के आसपास भटकते और खाना माॅग कर खाते देखा। उन्होंने अपने सामाजिक दायित्वों की पूर्ति करते हुए डायल 100 की मदद से वन स्टाॅप सेन्टर सखी पहुॅचाया। जहाॅ बालिका द्वारा नाम व उचित पता न बताए जाने पर वन स्टाप सेन्टर सखी की काउन्सलर द्वारा बातचीत कर भावनात्मक रूप से जुड़कर सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त की गई। बालिका सीधी जिले से 140 किमी दूर की है। वन स्टाॅप सेंटर सखी द्वारा पुलिस कन्ट्रोल रूम से संबंधित थाना प्रभारी से दूरभाष पर बालिका के विषय में जानकारी दी गई। पुलिस की सहायता से बालिका की पुष्टि की गई एवं गांव के सरपंच से संपर्क कर बालिका के माता-पिता से दूरभाष पर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि बालिका 6 माह से घर से लापता है। बालिका के माता-पिता की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी कि वह बालिका को स्वयं आकर ले जाये। इस संबंध में थाना प्रभारी की सहायता से बालिका को सुरक्षित उसके घर पहुॅचाया गया।

आज वह बालिका अपने घर में अपनों के बीच बहुत खुश है और वन स्टाॅप सेन्टर सखी केन्द्र अपने कर्तव्यो की पूर्ति करने में सतत रूप से प्रयत्नशील है।उल्लेखनीय है कि वन स्टाॅप सेन्टर सखी केन्द्र सीधी द्वारा पुलिस सहायता, विधिक सहायता, चिकित्सा सुविधा, आश्रय सुविधा व परामर्श सहायता दी जाती है। कोई भी हिंसा जैसे घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, बलात्कार, यौनिक हिंसा से प्रताड़ित महिलाओं व बालिकाओं को वन स्टाॅप सेन्टर सखी केन्द्र सीधी द्वारा तत्काल मदद की जाती हैं।