भारत बन्द के समर्थन में सीधी में हुआ आंदोलन

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भारत बन्द के समर्थन में सीधी में हुआ आंदोलन

समय INDIA 24 सीधी। नए कृषि कानून, मजदूर कानून एवं बिजली बिल रद्द कराने के लिए डीजल, पेट्रोल, गैस समेत अन्य वस्तुओं को लेकर बढ़ी हुई मंहगाई वापस कराने के लिए मनरेगा मजदूरों को 100 दिन काम के बदले 6000₹ प्रतिमाह तनख्वाह की गारंटी के लिए संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 27 सितम्बर को सीधी जिला मुख्यालय में भारत बन्द के समर्थन में किसानों ने रैली निकाल कर ब्यापारियों से दुकानें बंद करने का अनुरोध किया गया और किसान रैली कलेक्ट्रेट पहुंच कर सभा में तब्दील हो गई।

सभा को संबोधित करते हुए टोंको-रोंको-ठोंको क्रांतिकारी मोर्चा के संयोजक उमेश तिवारी ने कहा कि मोदी सरकार तीन काले कानूनों के जरिए किसानों की जमीन छीन कर पूंजीतियों को देकर किसानों को बरबाद करने पर तुली है। किसान पहले से ही तंग हाल है, अगर ये बर्बाद हुआ तो बाजार में ग्राहक कहां से आएंगे। बाजार में ग्राहकों की कमी होने का मतलब छोटे दुकानदार, छोटे व्यापारी, बुनकर, दस्तकार, कारीगर, मोची, रिक्शाचालक, ई-रिक्शा चालक, आटो चालक, मजदूर तथा बाजार से जुड़कर रोजी-रोटी कमाने वाले सारे लोगों की बर्बादी और बढ़ेगी। बाजार तबाह होने से बाजार में माल की खपत और अधिक घट जायेगी, माल न बिकने पर बचे खुचे कल कारखाने भी बंद हो जायेंगे जिससे बेरोजगारी और अधिक बढ़ जाएगी, बेरोजगारी बढ़ने से बेरोजगार नौजवानों की जिन्दगी बर्बाद होगी। अत: किसान सभी पीड़ित लोगों की लड़ाई लड़ रहे हैं।

सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के जिला अध्यक्ष ददन सिंह ने कहा कि मोदी सरकार ने पहले ही नोटबन्दी, जीएसटी, एफडीआई लागू करके करोड़ों छोटे दुकानदारों, लाखों कुटीर उद्योगों, छोटे उद्योगों, लाखों छोटे व्यापारियों को बरबाद कर दिया और बेतहाशा मंहगाई बढ़ाकर जनता का धन छीन रही है।

सभा को संबोधित करते हुए किस एकता संघ के प्रदेश अध्यक्ष गंगा पांडेय ने कहा कि पार्टियां जनता के पास सिर्फ वोट के समय आती है सत्ता पाते ही पूंजीपतियों की गुलामी करती है। आज हम आंदोलन मोदी सरकार को यह बताने के लिए कर रहे है दिल्ली का आंदोलन सिर्फ कुछ राज्यों का नही सारे देश का आंदोलन है।

सभा को शिवकुमार सिंह, बलराज सिंह, छोटेलाल सिंह, लालजी बैस जिला अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन, किसान नेता निसार आलम, मनोज कोल, द्वारिका बैस, तेज बहादुर सिंह, जयबीर सिंह, रनबहादुर सिंह, देवेंद्र सिंह यादव, कृष्णदेव सिंह, गजेंद्र सिंह, नबाब सिंह पटेल, विनोद सिंह बबलू आदि ने संबोधित किया।