पुलिस से बेखौफ शहर में शोहदे, स्कूल कॉलेज के छात्राओ को करते हैं परेशान

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पुलिस से बेखौफ शहर में शोहदे, स्कूल कॉलेज के छात्राओ को करते हैं परेशान

ए के स्वतंत्र बिहान संवाद सीधी।। कोरोना संक्रमण के कारण बंद जिले के स्कूल – कॉलेजो के ताले अब शासन के आदेश बाद छात्रों के अध्ययन के लिए खुल गए हैं और अभिवावक स्कूल – कॉलेजो में अपने बच्चो को अध्ययन के लिए भेजना शुरू भी कर दिया है। जिले में संचालित स्कूल – कॉलेजो के आस – पास शोहदों के जमघट लगे रहने के कारण अध्ययन के लिए आने वाली छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ये शोहदे स्कूल – कॉलेजो के खुलने और बंद होने के समय आसपास दो पहिया वाहन या पैदल ही खड़े हो जाते हैं। अव्यवस्थित वाहनों के खड़े होने से वहा जाम की स्थिति बन जाती हैं। इसी भीड़ और शोर-शराबे के बीच शोहदे लड़कियों पर कमेंट कर परेशान करते हैं या फिर वाहन से टक्कर देकर कर आगे निकल जाते है। छात्राओं की सुरक्षा के लिए न तो स्कूल – कॉलेजो के बाहर प्रबंधक कोई व्यवस्था कर पाते हैं और न ही वहा पुलिस के जवान मौजूद रहते हैं। ऐसे में छीटाकशी की घटनाएं आए दिन शोहदों द्वारा होती रहती हैं। स्कूल – कॉलेजो के आस पास मंडराने वाले शोहदों पर अंकुश लगाने के लिए संवेदनशीलता के साथ जिले की पुलिस को कार्य करने की आवश्यकता है। जिससे अध्ययन के लिए आने वाली छात्राओं को किसी भी प्रकार से परेशानी से न गुजरना पड़े और सुरक्षित रहे।

अभियान चलाकर कार्यवाही करने की आवश्यकता 

शहर में बेखौफ घूम रहे शोहदे कोई असभ्य घटना को अंजाम दे उसके पहले जिले की पुलिस को अभियान चलाकर कार्यवाही करने की जरूरत है। स्कूल – कॉलेजो में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती से कैम्पस सुरक्षित जरूर हुए हैं लेकिन सड़के अभी भी असुरक्षित हैं। ऐसे में स्कूल – कॉलेजो के सामने व आस पास घात लगाए बैठे मजनुओं को सबक सिखाने और इन्हे सामाजिकता का पाठ पढ़ाने की आवश्यकता है।

इन स्थानों में ज्यादा समस्या – उत्कृष्ट विद्यालय के सामने और आस – पास, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सीधी खुर्द के सामने और कोतवाली रोड, सरस्वती विद्यालय मडरिया के आस – पास, संजय गांधी कालेज एवं गर्ल्स कॉलेज सहित कई अन्य निजी व शासकीय स्कूल – कॉलेजो के आस- पास भी मनचले युवक मंडराते रहते हैं। विद्यालय आने-जाने के समय पर खड़े शोहदों से पुलिस कभी वहां मौजूदगी के बारे में कोई पूछताछ नहीं करती है इसी वजह से शहर में घूम रहे मनचलों पर पुलिस का खौफ नहीं है। 

विद्यालय के बाहर छात्रों में मार – पीट की घटना

शहर की सड़को में व विद्यालयों के बाहर देखने को मिलता रहता है कि बच्चे एक – दूसरे से झगड़ा कर रहे होते है। कई बार ऐसे मामले गंभीर हो जाते है और सामुदायिक रूप से दोनो पक्षों के बीच होने वाली हाथापाई अभिवावकों के लिए सिरदर्द बन जाती है। एक ही विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों में आपस पर तकरार बना रखना शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी के लिए बेहतर नही होता। ऐसे झगडो में शामिल बच्चे शिक्षा अध्ययन में ध्यान लगाने के बजाय बदले की भावना पर एक दूसरे को नुकसान पहुंचाने समय व्यतीत करते रहते हैं। अभिवावकों के लिए यह आवश्यक है कि घर से अध्ययन के लिए निकले बच्चो के बारे में व दिनचर्या की जानकारी लेते रहे।  

इनका कहना है –

इस प्रकार की हरकते करने वाले अराजकत तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी।
– हितेंद्र नाथ शर्मा, निरीक्षक सिटी कोतवाली सीधी
आए दिन विद्यालय महाविद्यालयों के आस पास अराजक तत्वों का जमघट बना रहता है और छात्राओं को समस्याएं होती है। पुलिस जवानों की मौजूदगी होनी चाहिए खास तौर पर विद्यालय खुल और बंद हो रहे हो।
– एड. रंजना मिश्रा

बच्चो द्वारा या किसी अन्य के द्वारा छात्राओं के साथ गलत व्यवहार नही होना चाहिए। पुलिस प्रशासन को इस संबंध में जानकारी पूर्व में दी गई थी और फिर से भेज दी जाएगी। – शंभूनाथ तिवारी प्राचार्य, उत्कृष्ट विद्यालय सीधी

लगातार ऐसी घटनाएं सुनने को मिलती है। आगे ऐसी घटनाएं न हो जिसके लिए सामाजिक जागरूकता और प्रशासकीय व्यवस्थाओं की आवश्यकता है। – मीरा गौतम, समाजसेविका – जस सीधी