नियमो को ताक में रख संचालित है रेत खदाने, जिला प्रशासन बना मूक दर्शक

0
767

समय INDIA 24 @ अमित कुमार “स्वतंत्र”, सीधी। रेत उत्खनन परिवहन बहाल होने बाद नियमों को ताक पर रख जिले में रेत निकासी का काम किया जा रहा है। शासन के नियम कहते है कि नदियों में मशीन लगाकर रेत निकासी का काम न किया जाए लेकिन ठेकेदारों द्वारा मशीनें लगाकर नदियों का सीना छलनी किया जा रहा है तो वहीं जिला प्रशासन किसी भी प्रकार कार्यवाही करने से गुरेज कर रहा है। जिले में मेसर्स सैनिक फूड लिमटेड के संचालन में खदानों पर मशीनों का उपयोग कर उत्खनन और लोडिंग का कार्य जारी है। रेत ठेकेदार मजबूत पकड़ और बाहुबलिता के दम पर शासन व एनजीटी के नियमों को ताक पर रख अवैध रूप से उत्खनन जारी रखना चाहते हैं जिन्हें नदियों और मजदूर वर्ग के जीवन से कोई मतलब नहीं।

रेत उत्खनन में मशीनों के उपयोग पर प्रतिबंध और रोजगार दिलाने उठी मांग

जिले में रेत खदानों पर मशीनों से जारी उत्खनन और लोडिंग को लेकर लगातार विरोध जारी है। टिकरी रेत खदान में जारी मशीन द्वारा उत्खनन और लोडिंग के विरोध में दिन गुरुवार को जिला कलेक्ट्रेट पहुंच कर मांग पत्र के माध्यम से लॉक डॉउन में वापस घर लौटे प्रवासी मजदूरों को रेत खदानों पर रोजगार दिलाने और रेत खदान में लगातार हो रहे मशीनो के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई। ग्राम पंचायत टिकरी सरपंच द्वारा कहा गया कि शासन द्वारा निर्धारित रेत नीति तहत स्थानीय लोगों को रेत उपलब्ध कराया जाए। जिला मुख्यालय आए ग्रामीणों द्वारा कहा गया कि ग्राम पंचायत टिकरी द्वारा निर्मित एप्रोच सड़क व सुदूर सड़क में भारी वाहनों के परिवहन पर प्रशासन द्वारा रोक लगाया जाए।

खदानों में है ठेकेदार के हथियार बंद गुंडे

सूत्रो की माने तो जिले में संचालित रेत खदानों में दर्जनों संख्या में बाहरी लोगो का आना हुआ है जिनके पास बंदूकों के अलावा विभिन्न प्रकार के हथियार है। स्थानीय लोगों द्वारा जब रेत उत्खनन और लोडिंग में उपयोग हो रहे मशीन का विरोध किया जाता है तब उन बाहरी लोगो द्वारा हथियार के दम पर धमकाया डराया जाता है। आश्चर्य की बात तब हो जाती हैं जब जिले के पुलिस कप्तान की छवि आम लोगों में एक सशक्त रूप से हो और जिले के बाहर से आए हथियार बंद लोगो व हथियारों की सूचना स्थानीय थाना चौकी में न दी गई हो और न ही पुलिस द्वारा हथियारों के लाइसेंस का निरीक्षण।

इनका कहना है:-

लॉक डॉउन में वापस लौटे प्रवासी मजदूरों को खदान में लगाया जाए और टिकरी रेत खदान में हो रहे मशीनों का उपयोग प्रतिबंधित किया जाए। खदान में बाहर से कई दर्जन लोग हथियार के साथ आए हुए जिनके द्वारा डराया धमकाया जाता है।

– श्रीनिवास साकेत (समाजसेवी, टिकरी)