जिले में स्थापित हुआ 833 एलपीएम क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट

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जिले में स्थापित हुआ 833 एलपीएम क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट

समय INDIA 24, सीधी। जिला चिकित्सालय सीधी में 833 लीटर प्रति मिनट क्षमता वाले ऑक्सीजन प्लाण्ट की स्थापना की गई है। संयंत्र का परीक्षण परिचालन 94 प्रतिशत ऑक्सीजन शुद्धता से पूर्ण कर लिया गया है और संयंत्र जिला अस्पताल, सीधी को मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए तैयार है। गेल (इंडिया) लिमिटेड, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में महारत्न का दर्जा रखने वाला एक केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है। गेल ने जिला अस्पताल, सीधी में पीएसए आधारित मेडिकल ऑक्सीजन संयंत्र की स्थापना पूर्ण कर ली है। संयंत्र से ऑक्सीजन आपूर्ति की क्षमता 833 लीटर प्रति मिनट होगी जोकि तकरीबन 170 जम्बो सिलिंडर प्रतिदिन के बराबर है।

मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) गेल (इंडिया) धीरेन्द्र कुमार जैन ने बताया कि संयंत्र का निर्माण और संयोजन मैसर्स गैसटेक इंजीनियरिंग, नई दिल्ली द्वारा किया गया है। संयंत्र का मुख्य भाग-ऑक्सीजन जनरेटर, मैसर्स स्विस एडवांस, पुर्तगाल द्वारा निर्मित किया गया है। संयंत्र की स्थापना, परीक्षण और कमीशनिंग का काम पूरा कर लिया गया है जिसमें जिला प्रशासन सीधी का सिविल, इलेक्ट्रिकल और अन्य संबंधित कार्यों के लिए महत्वपूर्ण सहयोग रहा है। इसके लिए गेल सीधी के जिला प्रशासन का ऋणी रहेगा। संयंत्र का आपूर्तिकर्ता, मेसर्स गस्टेक इंजीनियरिंग 24 महीने के लिए आवश्यक वारंटी सहायता प्रदान करेगा।

सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ल ने दी शुभकामनाएं

ऑक्सीजन प्लांट के स्थापित होने पर विधायक सीधी केदारनाथ शुक्ल द्वारा शुभकामनाएं दी गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा जिले वासियों को स्वास्थ्य के क्षेत्र में यह अनुपम भेंट दी गई। सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतरी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन प्लाण्ट की स्थापना से हमें कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने की तैयारियों का बल मिला है। यह न सिर्फ हमें कोरोना संक्रमण के इलाज में सहायक होगा, बल्कि अन्य जटिल रोगों के इलाज में भी मदद मिलेगी।

मील का पत्थर साबित होगा ऑक्सीजन संयंत्र – कलेक्टर रवींद्र चौधरी

कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी ने कहा कि सीधी जिले की चिकित्सीय सुविधाओं के विस्तार में यह संयंत्र मील का पत्थर साबित होगा। प्लाण्ट को स्थापित करने में गेल के उच्च प्रबंधन का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कलेक्टर ने कहा कि प्लाण्ट के स्थापित होने से जिला चिकित्सालय में निर्बाध ऑक्सीजन की सप्लाई संभव हो सकेगी। इससे कोरोना की संभावित तीसरी लहर तथा अन्य बीमारियों के इलाज में बहुत सहायता मिल सकेगी।