जिले में रेत का भाव छू रहा आसमान, जन प्रतिनिधि मौन

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जिले में रेत का भाव छू रहा आसमान, जन प्रतिनिधि मौन

नियमो को दरकिनार कर संचालित रेत खदाने, मजदूर नही मशीनों को रोजगार 

ए के स्वतंत्र (8839245425) सीधी। जिलें में अवैध उत्खनन – परिवहन पर प्रतिबंध और अधिकृत रेत खदानों में मजदूरों को रोजगार देने के साथ आम नागरिकों को सस्ती रेत उपलब्ध कराने लगातार मांग चल रही है। विगत सप्ताह राज्यसभा सांसद अजय प्रताप सिंह ने एक जन सभा को संबोधित करते हुए रेत खदान संचालक और प्रशासन को चेताया था यह कहकर कि प्रशासन खदान संचालक को सामने बैठकर सस्ती रेत करने को लेकर चर्चा करे अन्यथा कलेक्ट्रेट के सामने मेरे द्वारा धरना प्रदर्शन किया जाएगा। हालांकि सांसद अजय प्रताप द्वारा दिया गया समय बीत गया है और न रेत की दर सस्ती हुई और न ही सांसद धरने में बैठे। लेकिन इसका कोई खास असर जिले के खनिज विभाग व प्रशासन को नही हुआ। जनता लॉक डाउन और देश में फैली महंगाई से परेशान थी ही अब जिले के रेत खदान ठेकेदार के मनमानी से महंगी रेत भी खरीद रही है। देखना यही होगा कि जिले के जनप्रतिनिधि कब अपना मौन तोड़ेंगे और जनता के लिए आवाज उठाएंगे?

एनजीटी नियमो को दरकिनार कर संचालित खदाने

जिले में संचालित रेत खदानों में एनजीटी नियमो को दरकिनार कर उत्खनन किया जा रहा है। जबकि पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की नोटिफिकेशन मे किए गए संशोधनों के अनुसार रेत खदानों में खदान संचालन के लिए पर्यावरणीय अनापत्ति में शर्त होती है कि, रेत का खनन मानव श्रम से किया जाए। जिले पर रेत उत्खनन में ठेकेदार एनजीटी के आदेश की धज्जियां उड़ा रहा है और जिलें का खनिज विभाग व जन प्रतिनिधि मौन साधे बैठे हुए है।

पर्यावरण को नुकसान, भाव छू रहा आसमान 

प्रदेश सरकार नदियों एवं जल स्रोतों के पर्यावरणीय दृष्टिकोण से संरक्षण के साथ ही उपभोक्ताओं को सुगमता से उचित मूल्य पर रेत उपलब्ध कराने खदानों के संचालन की अनुमति दी है। लेकिन उदासीन खनिज विभाग व ठेकेदार की मनमानी से पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा और रेत की कीमतें आसमान छू रही है।

इनका कहना है –

भाजपा सरकार सिर्फ प्रलोभन देती है जन उन्मूलक कार्य करने बजाय भाजपा सरकार प्रलोभन देने का काम करती है। यहां अंधेर नगरी चौपट राजा है और कमीशन खेल जिससे आम जनता को रेत सस्ती दर पर मिलना संभव नहीं दिख रहा। सांसद अजय प्रताप सिंह ने भी आवाज उठाया था रेत सस्ती करने को लेकिन उसका कोई परिणाम दूर तक नही दिख रहा है।

– आकाश सिंह रिंकू (कांग्रेस नेता सीधी)

जिले के जन प्रतिनिधियों का मौन रहना प्रशासन को सुस्त कर दिया है। भाजपा के नेता ने जन सभा को संबोधित करते हुए रेत सस्ती न होने पर धरने में बैठने की बात कही थी लेकिन समय बीत गया और कोई अभी तक सामने नहीं आया। रेत सस्ती तब होगी जब जनता अपने अधिकार के लिए संघर्ष करेगी ।

– उमेश तिवारी ( संयोजक – टोंको रोंको ठोको क्रांतिकारी मोर्चा )

जिले में रेत की महंगी होने से आवास बनाने या अन्य कॉन्ट्रेक्शन वर्क में व्यय बढ़ रहा है। खदान संचालक नियम की अनदेखी कर ज्यादा गहराई तक उत्खनन कर रहे हैं और रेत महंगी बेच रहे हैं। अजय प्रताप सिंह को जनभावनाओं को देखकर रेत दर कम न होने की स्थिति में धरना बैठना चाहिए । मेरे द्वारा भी स्थानीय साथियों के साथ धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

– आनन्द सिंह ददुआ (ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष कुसमी)

आम आदमी की चिंता आम आदमी पार्टी करती है और यह प्रमाण है कि आम जनता को रेत सस्ती मिले अवैध तरीके से उत्खनन न हो मजदूर को रोजगार मिले विभिन्न मांगो को लेकर देवसर में पांच दिन धरना प्रदर्शन पार्टी द्वारा किया गया। भाजपा हो या कांग्रेस इनके नेता सिर्फ चुनाव में दिखते हैं इसका परिणाम यह है कि जिले की जनता महंगी रेत से परेशान है। अपनी ही जिले की रेत इतनी महंगी खरीदनी पड़ रही है।

– रामचरण सोनी (प्रदेश प्रवक्ता – आम आदमी पार्टी)