जिले में कानून व पुलिस व्यवस्था कम हो रहा भय, अपराधिक गतिविधियों में हो रहा इज़ाफा

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जिले में कानून व पुलिस व्यवस्था कम हो रहा भय, अपराधिक गतिविधियों में हो रहा इज़ाफा

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन सड़को पर अराजकता का माहौल बनाते दिखे दर्जनों युवा

समय INDIA 24@ सीधी। जिले में लगातार अपराधों कि संख्या में इजाफा हो रहा है। ऐसा भी नहीं है कि पुलिस कार्यवाही नही कर रही लेकिन जिस प्रकार से घटना क्रम बढ़ रहा जिसे देख अनुमान लगाया जा सकता है कि कानून और पुलिस का भय जिले में कम हो रहा है। हत्या, चोरी, दुष्कर्म, तस्करी और शोहदो के द्वारा सड़क व शिक्षण संस्थानों के समीप जमघट लगना कही न कही जिले के कानून व्यवस्था को लेकर प्रश्न चिन्ह लगा रहा हैं! अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन दर्जनों नकाब बंद युवाओं द्वारा महाविद्यालय के समीप मोटर साइकिल वाहन और हांथ में डंडे लेकर अराजकता का माहौल बनाते दिखे। जिसकी सूचना संबधित थानों व पुलिस को दी गई और पुलिस के सक्रिय होने तक शोहदे रफूचक्कर हो गए। पूर्व के दिनों समाचार के माध्यम से पुलिस प्रशासन के संज्ञान में महाविद्यालय व स्कूलों के आस पास होने वाली घटनाओं को लाया जा चुका है और शिक्षण संस्थानों के खुलने व बच्चो के छुट्टी के होने के समय पुलिस कि अनुपस्थिति को लेकर भी चिंता जाहिर कि जा चुकी है। खबर प्रकाशन के बाद कुछ दिनो तक पुलिस विद्यालय व महाविद्यालयों के पास सक्रिय दिखी लेकिन उसी प्रकार फिर अव्यवथाओ का दौर शुरू हो गया जिसके कारण छेड़छाड़ एवं छींटाकशी व अराजक पूर्ण माहौल से छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

फिल्मों का नशा सडक़ो पर – 

जिले में इन दिनों कुछ युवाओं पर फिल्मों का नशा चढ़ा हुआ है जिसका असर सडक़ो पर दिख रहा है। ये बिना नम्बर के दो पहिया वाहन लेकर अपनी पहचान छिपाने की दृष्टि से चेहरे पर नकाव डाल कर असमाजिक गतिविधियों को आए दिन अंजाम दे रहे हैं। जिसके चलते समाज मे भय का महौल निर्मित हो चला है। ऐसा भी नहीं कि पुलिस कार्रवाई नहीं करती है, किन्तु पुलिस के द्वारा कभी कभार की जाने वाली कार्रवाई केवल चिहिंत चौराहो पर होती है जिससे अपराधी प्रवृत्ति के व्यक्ति पहले से अवगत होते हैं और ज्यादातर ये बच कर निकल जाते हैं।

बिना नम्बर के वाहनो की भरमार – 

जिले में इन दिनो बिना नम्बर प्लेट के छोटे एवं बड़े वाहनो की भरमार देखने को मिल रही है। असमाजिक तत्वों के द्वारा दो पहिया एवं चार पहिया वाहनों मे भौकाल, क्षत्रिय या मंडल कमंडल जैसे शब्द लिखवाकर अपना धौंस दिखा रहे हंै। माल वाहक वाहन ट्रैक्टर, हाइवा एवं अन्य बड़े वाहनो में ज्यादातर देखने में आता है कि या तो वाहन क्रमांक अंकित ही नही रहेगा, अगर रहेगा भी तो ऐसा कि पूरी तरह से अपठ्नीय रहता है।

रात्रि गश्त में कोताही, बढ़ रही बारदातें – 

पुलिस द्वारा देश भक्ति जन सेवा की भावना लिये 24 घंटे लगातार प्रयाशरत रहने का दावा किया जाता है। वहीं इन दिनों लगातार हो रहे अपराधों के इजाफा को देखते हुए पूर्व में कायब हुई विश्वास की डोर वर्तमान में कमजोर होती नजर आ रही है। विगत समय में कई बड़ी चोरी, डकैटी की घटना घटने के बाद भी उन घटनाओं से पुलिस सीख नहीं ले पाई है। बताया जा रहा है कि घटना के कुछ दिनों तक तो पुलिस चुस्त दुरूस्त रहती है किन्तु उसके बाद सबकुछ पूर्ववत हो जाता है। बात अगर जिला मुख्यालय की करें तो कागजों में रात्रि कालीन गश्त हेतु त्रिस्तरीय पहरा बताया जाता है किन्तु वास्तविकता के धरातल पर स्थिती तो कुछ और ही वयॉ होती है। स्थानीयजनों की मानें तो पहले तो केवल रात्रि कालीन चोरी की बारदातें होती थी किन्तु वर्तमान में तो दिन दहाड़े ही चोरी की बारदाते ग्रामींण अंचलो से लेकर शहरी क्षेत्र में हो रही हैं। अब देखिए न शहर के व्यस्तम गोपालदास मार्ग में नाग मंदिर के समीप से बृजेश गुप्ता पिता भैयालाल गुप्ता का दो पहिया वाहन पलक झपकते ही गायब हो गया और आज दिनांक तक कोई सुराग नही लग पाया।

इनका कहना है – 

जिले में शांति व्यवस्था कायम रखने हेतु सीधी पुलिस सदैव तत्पर है, अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्सा नही जायेगा। 

मुकेश कुमार श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक सीधी।